Saturday, 21 April 2012

बारिश ...

नन्ह्नी- नन्ह्नी  जल की बूंदे
   जब जमीन पर आती है ,
गिरती है धरती की गोद मै, 
     कुछ डरती कुछ घबराती है.
समझ ना पाती कहा आगाये ,
     कैसे जीवन बिताना है?
आना है किसी और के काम या,
     वापस बदली बन जाना है.
कंही खिलाती कोपल नई 
   कंही जीवन को जिलाती है ,
कभी भारती पेट गरीब का 
    कभी ऊष्मा मिटाती है.
नन्ही बूंदे आती है, डरती है, घबराती  है .

Friday, 20 April 2012

इंतजार

सब कुछ  भुला दिया जंहा से पर जाते नहीं तेरी यादो के साए 
 दिल की हसरत अब बस यही है की तेरी चाहत मेरी जिंदगी का हर पल महकाए,
मिलन हुआ था जब हमारा खुश हुई थी सहराए भी ,
बिछड़ने की बेला जब आई तो संध्या भी रो दी.
पल पल , तिल तिल जलती हूँ  मई तेरी जुदाई में ,
हर एक आंसू खून का रोया था तेरी विदाई में,
तुम आते हो पल दो पल को लेके खुशिया अपार ,
जल  जाते है मी ह्रदय में जैसे दीप हजार.
दिल ये चाहे तेरे पयार में डूब के हो जाऊ पार.
आज भी याद है हर लम्हा जो बिताया था साथ में ,नजरे नजरो में और हाथ थे हाथ में.
तेरी बांहों में आकर प्यार जंहा का पाया था ,
तेरे सीना में सर रख के हर गम को बिसराया था .
तेरी निश्छल गहरी आँखे कहती है कोई राज़. जाने अनजाने तू बन गया है मेरे जीना की आस.
आज तुम दूर हो मुझसे कोई गम नहीं , तुम सिर्फ और सिर्फ मेरे हो ये कुछ कम नहीं .
ता-उम्र के लिया बांध ली है एक होने की आस मरते दम तक रहेगी तेरी चाहत की प्यास.......